ये सबसे अलग चीजें, जो सिर्फ एक ही इंसान कर सकता है, अभी हैं भगोड़ा घोषित

ये सबसे अलग चीजें, जो सिर्फ एक ही इंसान कर सकता है, अभी हैं भगोड़ा घोषित

देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी विजय माल्या को जाना पहचाना जाता हैं। विजय माल्या गत कुछ वर्षो से गलत कारणों से सुर्ख़ियों में हैं। हालंकि एक समय ऐसा भी था जब भी देश के सबसे अमीर बिजनेसमैनों में से एक थे। यहाँ तक कि वह राज्यसभा सांसद भी रहे हैं। कुछ वर्षों तक माल्या की कंपनी किंगफिशर का सिक्का चलता था। उनकी किंगफिशर के नाम से एक एयरलाइन्स भी थी लेकिन अब समय बदल चूका हैं और वह दिवालियाँ घोषित किए जा चुके हैं और उन्हें देश में भगौड़े के नाम से जाना जाता हैं। बिजनेस एक्टिविटी के आलावा विजय माल्या की पर्सनल लाइफ भी बेहद चर्चा का विषय रही हैं। उनका रंगीन मिजाज स्वभाव भी कभी किसी से छुपा नहीं रहा हैं। माल्या को कई बार बॉलीवुड अभिनेत्रियों के साथ गलत हरकतें करते हुए देखा जा चूका हैं।

आपको बता दें कि विजय माल्या ने महज 27 वर्ष की उम्र में अपना बिजनेस संभाला लिया था। उनके पिता की मौत के वक्स विजय माल्या की कंपनी यूनाइटेड ब्रुवरीज (जिसके पास किंगफिशर समेत कई ब्रांड हैं) की हालत बेहद खराब थी। विजय माल्या की किंगफिशर बियर की 5 में से 3 फैक्ट्रियां बंद पडी थी। वहीं, हार्ड शराब (व्हिस्की, रम, आदि) की बिक्री भी अच्छी नहीं थी। जब विजय माल्या ने अपनी कंपनी संभाली, तो उन्होंने पहले 5 वर्षों में न केवल 3 बंद फैक्ट्रियों को फिर से शुरू किया, बल्कि दक्षिण भारत में 2 नए कारखानों की शुरूआत भी की थी। इसके बाद विजय माल्या ने हार्ड लिकर में कुछ नए ब्रांड शुरू किए और कुछ नए ब्रांड खरीदे। इन ब्रांड्स को विजय माल्या ने सुपरहिट बना दिया। इनमें से कुछ ब्रांड्स के नाम रॉयल चैलेंज , डीएसपी, ऑफिसर्स चॉइस , एंटीक्विटी है।

विजय माल्या ने किंगफिशर बियर के अलावा लंदन पिल्सनर और हेवर्ड्स 5000 को खरीदा और उन्हें सुपरहिट कर दिया। इतना ही नहीं विजय माल्या ने किंगफिशर को जबरदस्त ब्रांड बनाया। विजय माल्या ने किंगफिशर कैलेंडर, फॉर्मूला 1 रेसिंग, क्रिकेट (IPL) आदि में निवेश करके किंगफिशर ब्रांड को और मजबूत किया। इसके साथ ही विजय माल्या ने केमिकल बिजनेस मैंगलोर फर्टिलाइजर्सट और पेंट बिजनेस बर्जर पेंट्स को भी मैनेज किया।

उन्होंने जब अपना कारोबार संभाला था तब उसका कारोबार महज 20 करोड़ रुपए का था। उसे महज 3 वर्ष में 25000 करोड़ रुपए पर पहुंचा दिया। उस वक्त विजय माल्या की उम्र सिर्फ 30 वर्ष की थी। मतलब माल्या ने 30 वर्ष की उम्र में 25,000 करोड़ की कंपनी खड़ी कर दी। लेकिन फिर उसने एक गलती की, जिसके कारण उसकी मेहनत की कमाई उसके हाथ से निकल गई।

कर्ज में डूबे विजय माल्या को भगोड़ा घोषित कर दिया गया। फिर क्या था। क्या उसने सिर्फ ये गलती की थी कि एयरलाइंस बिजनस में निवेश किया। एयरलाइंस एक ऐसा उद्योग है, जो बेहद कम मार्जिन में काम करता है। ये एक बहुत ही गंभीर व्यवसाय है, जहां लाभ मार्जिन हर छोटी जगह पर पैसे बचाने और बहुत ही बेहतरीन तरीके से काम करने से आता है। लेकिन विजय माल्या कंपनी के सीईओ और अन्य प्रबंधन पर किंगफिशर एयरलाइंस की जिम्मेदारी डालकर किंगफिशर के ब्रांड को आगे बढ़ाने में जुट गए।

गौरतलब हैं कि विजय माल्या का जन्म 18 दिसम्बर, 1955 का हुआ था। वे एक भारतीय व्यापारी और राज्यसभा के पूर्व सदस्य हैं। वह उद्योगपति विट्ठल माल्या के पुत्र हैं और यूबी समूह और किंगफिशर एयरलाइंस के अध्यक्ष हैं। साल 2008 में लगभग ₹72 अरब रुपए के सम्पत्ति के साथ ये विश्व के 962वें सबसे धनी लोगों में शामिल हुए। इसी समय इनका भारत में सबसे धनी लोगों में 42वां स्थान था। आजकल भारत सरकार ने विभिन्न भारतीय बैंको के 9000 करोड हड़पकर भाग जाने की वजह से विजय माल्या को भगोड़ा घोषित किया है। अभी वह ब्रिटेन में हैं और भारत सरकार उनको भारत सरकार उनका प्रत्यर्पण कराकर भारत लाने की भरपूर कोशिश कर रही है।

मनोरंजन