इस तरह बनाकर पीएं दालचीनी का काढ़ा, पीरियड्स में नहीं निकलेंगे खून के थक्‍के

इस तरह बनाकर पीएं दालचीनी का काढ़ा, पीरियड्स में नहीं निकलेंगे खून के थक्‍के

पीरियड्स के दौरान महिलाओं को कई चीजों का सामना करना पड़ता है। पेट-कमर में दर्द, मूड स्विंग और हैवी ब्‍लीडिंग के साथ ब्‍लड क्‍लॉटिंग भी महावारी के वक्‍त की एक बड़ी समस्‍या है। वैसे तो डॉक्‍टर्स कहते हैं कि पीरियड्स में खून के थक्‍के निकलना नॉर्मल है लेकिन अगर ब्‍लड के साथ क्‍लॉट्स ज्‍यादा निकले तो ये खतरनाक हो सकता हैं। अगर खून के थक्‍के के साथ सिर में दर्द और थकान महसूस हो तो ये एनीमिया का संकेत हो सकता है। इसके अलावा ज्‍यादा खून के थक्‍के (Blood Clots) निकलने का एक मतलब ये भी हो सकता है कि आपको गर्भाशय फाइब्रॉएड है या हॉर्मोन्‍स में असंतुलन है। डॉक्‍टर ये भी कहते हैं कि अगर 5 दिन लगातार खून के थक्‍के निकलते हैं तो ये क्रिटिकल मेडिकल कंडीश्‍न है, जिसे तुरंत डॉक्‍टर को दिखाना चाहिए। लेकिन आपको कभी-कभी या एक-दो बार आते हैं, तो अधिक घबराने की बात नहीं है। आज हम इसके लिए आपको कुछ जबरदस्‍त घरेलू नुस्‍खे बता रहे हैं। जिसमें से एक दालचीनी का काढ़ा भी है-

खून के थक्‍के रोकने के लिए घरेलू नुस्‍खे: खून के थक्‍के यानि कि पीरियड्स में होने वाली ब्‍लड क्‍लॉटिंग को रोकने में दालचीनी का काढ़ा बहुत फायदेमंद है। दालचीनी में मौजूद कंपाउंड कई औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं, जो सेहत को कई तरह के लाभ पहुंचाते हैं। दालचीनी का काढ़ा पीने से हॉर्मोनल भी संतुलित रहते हैं और क्‍लॉटिंग भी नहीं होती है। इसके अलावा दालचीनी का काढ़ा हृदय की धमनियों में कोलेस्ट्रॉल को जमने से भी रोकता है।

मसाज टेक्निक्‍स: मसाज करने से भी ब्‍लड क्‍लॉटिंग से छुटकारा मिल सकता है। कई ऐसी मसाज की टेक्निक्‍स होती हैं जो रिप्रोडक्‍शन सिस्‍टम हेल्‍थ को सुधारने के साथ ही यूट्रस के आसपास ब्‍लड सर्कुलेशन को भी बढ़ावा देती हैं। इससे ब्‍लड फ्लो तक सही होता है लेकिन खून के थक्‍के बनने कम या बंद हो जाते हैं।

आइस पैक: अगर आपके ज्‍यादा ही ब्‍लड क्‍लॉट निकल रहे हैं तो आप आइस पैकका इस्‍तेमाल भी कर सकते हैं। इसके लिए बर्फ को पेट के निचले हिस्‍से में लगाएं और 1 से 2 मिनट तक छोड़ें और फिर हटाएं। इस प्रक्रिया को 3 से 4 बार कर सकते हैं। कोल्ड कंप्रेस रक्त वाहिकाओं को संकुचित करने में मदद करता है जो रक्त के थक्कों को कम करता है।

विटामिंस का सेवन: खून के थक्‍कों को रोकने के लिए विटामिंस भी अहम भूमिका निभाते हैं। विटामिन A, B, D और C हैवी ब्‍लीडिंग रोकने के साथ ही खून के थक्‍के भी कम करते हैं। विटामिन ए जहां रेड ब्‍लड सेल्‍स के प्रोपर रेप्‍लीकेशन को सही करता है तो वहीं इसकी एंटीऑक्‍सीडेंट प्रोपर्टीज डैमेज सेल्‍स को सही करती हैं। वहीं, विटामिन बी, विशेष रूप से विटामिन B6, प्रोस्टाग्लैंडीन के उत्पादन के लिए आवश्यक हैं जो रक्त के थक्कों को कम करने में मदद करते हैं। विटामिन डी अतिरिक्त रक्तस्राव को कम करने के लिए हार्मोन को संतुलित करता है। जबकि विटामिन सी आपकी नाजुक कोशिकाओं और रक्त वाहिकाओं को मजबूत करने में मदद करता है, जिससे रक्त के थक्के बनने में आसानी होती है।

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