इन 5 रोगों से बचाएगा गिलोय का काढ़ा, जानें फायदे और विधि

इन 5 रोगों से बचाएगा गिलोय का काढ़ा, जानें फायदे और विधि

हालात ऐसे बन चुके हैं कि अस्पतालों में पैर रखने तक की जगह नहीं है. लोग घरों में रहकर अपनी सेहत का ध्यान रख रहे हैं और डॉक्टर्स के साथ संपर्क में है. जिससे समय पर बीमारी का इलाज किया जा सके. कहा जा रहा है कि कोरोना का असर उन लोगों में सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है जिनकी इम्युनिटी कमजोर है. वैसे तो किसी भी बीमारी में मरीज की इम्युनिटी (Immunity) सबसे अहम होती है. मगर इस समय उन लोगों को कोरोना का खतरा सबसे ज्यादा है जिनकी इम्युनिटी कमजोर है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा लगातार कोरोना से बचने की गाइडलाइन और उपाय बताए जा रहे हैं. जिससे इस महामारी से बचा जा सके.giloy ka kadha vidhiगिलोय को बुखार समेत कई बीमारियों में रामबाण माना गया है और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी मानना है कि इसके सेवन से रोग प्रतिरोधक यानि इम्युनिटी पावर मजबूत की जा सकती है. तो चलिए जानते हैं गिलोय इम्युनिटी के लिए कितनी फायदेमंद है और किन रोगों से लड़ने में मदद करती है. इसके अलावा गिलोय का काढ़ा बनाने की रेसिपी भी जानेंगे.

क्या है गिलोय? अक्सर आपने अपने बड़े-बुजुर्गों से गिलोय के बारे में सुना होगा. यह एक प्रकार की आयुर्वेदिक औषधि है. जिसे वैज्ञानिक भाषा में ‘टीनोस्पोरा कार्डीफोलिया’ बोला जाता है. नियमित रूप से गिलोय का सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और कई बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है. गिलोय का सेवन काढ़ा, पाउडर या रस के रूप में किया जा सकता है.

कैसे करता है काम? गिलोय एक औषधि है और इसमें इसमें एंटी-टॉक्सिक, एंटी-पायरेटिक और एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं. जिससे शरीर को आराम मिलता है और वायरल बुखार या इंफेक्शन का खतरा कम होता है. जो लोग गिलोय का सेवन करते हैं उनमें भरपूर ऊर्जा का भी संचार होता है.

गिलोय का काढ़ा बनाने की सामग्री: गिलोय का काढ़ा काफी असरकारी माना जाता है. इसके लिए आपको चाहिए होगा 2 कप पानी, गिलोय के 2 छोटे टुकड़े, 2 दालचीनी स्टिक, 4-5 तुलसी के पत्ते, 8-10 पुदीना पत्ता, आधा चम्मच हल्दी, 1 चम्मच काली मिर्च पाउडर, 1 इंच अदरक और 2 चम्मच शहद. जिन लोगों को शहद से एलर्जी होती है वो चाहें तो काढ़े में शहद ना मिलाएं.

काढ़ा बनाने की विधि: काढ़े बनाने के लिए सबसे पहले गिलोय को छील लें और पीसकर पाउडर बना लें. एक बर्तन में पानी उबालें और हल्दी व काली मिर्च मिलाएं. इस मिश्रण को हल्की आंच पर करीब एक मिनट तक पकाएं और गिलोय पाउडर, दालचीनी और अदरक (कद्दूकस की हुई) मिला दें. इसके बाद बर्तन को ढक दें और उबाल आने दें. उबाल के बाद तुलसी के पत्ते, पुदीना और शहद मिलाकर उबालें. जब सब चीजों का मिश्रण उबल जाए तो आंच से उतार दें और नॉर्मल होने के बाद छानकर पी लें. ये भी पढ़ेंः- गर्म पानी पीने से पहले जानें जरूरी बातें, 3 हैं खतरनाक नुकसान तो 10 हैं बड़े-बड़े फायदे

किन रोगों में असरकारी है गिलोय? जिन लोगों को खून की कमी की दिक्कत रहती है उनके लिए गिलोय असरकारी होता है. घी व शहद के साथ गिलोय का सेवन करने से खून की कमी दूर होती है. पीलिया में गिलोय के पत्ते फायदेमंद माने गए हैं. कुछ लोग गिलोय के पत्ते उबालकर पीते हैं तो कुछ चूर्ण बनाकर इसका सेवन करते हैं. ऐसा करने से पीलिया के मरीजों को आराम मिलता है. मौसम में बदलाव आने से अधिकतर लोगों को स्किन से संबंधित परेशानियों से जूझना पड़ता है.

ऐसे में आप अपनी डाइट में गिलोय को शामिल कर सकते हैं. गिलोय की पत्तियों से बना पेस्ट सुबह-शाम पैरों और हथेलियों पर लगाएं. इससे एलर्जी में आराम मिलेगा. पेट संबंधी बीमारियों में गिलोय का सेवन फायदेमंद माना जाता है. इसके सेवन से कब्ज और गैस की दिक्कत नहीं होती. साथ ही पाचन क्रिया भी सही रहती है. वायरल बुखार, नॉर्मल बुखार और सर्दी में भी गिलोय का सेवन करना असरकारी माना जाता है. ऐसा कहा जाता है कि, गिलोय का काढ़ा पीने से बुखार में काफी आराम मिलता है और शरीर दुरुस्त रहता है.

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